विश्वकर्मा आरती | Vishwakarma Aarti PDF in Hindi

विश्वकर्मा आरती | Vishwakarma Aarti Hindi PDF Download

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विश्वकर्मा आरती | Vishwakarma Aarti Hindi PDF Summary

नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको विश्वकर्मा आरती PDF / Vishwakarma Aarti PDF in HIndi के लिए डाउनलोड लिंक दे रहे हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार विश्वकर्मा जी का जन्म अश्विन कृष्ण पक्ष की तिथि को हुआ था। विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर दिन शनिवार को है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग में विश्वकर्मा पूजा का पर्व मनाया जाएगा। पुराणों में विश्वकर्मा को यंत्रों का अधिष्ठाता देवता बताया गया है। इस पूजा को व्यापारी अपनी दुकानों, कम्पनियो, दफ्तरों, फैक्टरियों, गोदामों, आदि जगहों पर करते हैं। श्री विश्वकर्मा वाले दिन व्यापारी व् अन्य मजदूर अपनी मशीनों की पूजा पुरे विधि विधान से करते हैं।

विश्वकर्मा पुराण के अनुसार, आदि नारायण ने सर्वप्रथम ब्रह्माजी और फिर विश्वकर्मा जी की रचना की। भगवान विश्वकर्मा को संसार का पहला इंजीनियर और वास्तुकार माना जाता है। इस दिन पुष्प, अक्षत लेकर मंत्र पढ़ें और चारों ओर अक्षत छिड़कें।

विश्वकर्मा आरती PDF | Vishwakarma Aarti PDF in Hindi

ॐ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा।

सकल सृष्टि के कर्ता रक्षक श्रुति धर्मा ॥1॥

आदि सृष्टि में विधि को, श्रुति उपदेश दिया।

शिल्प शस्त्र का जग में, ज्ञान विकास किया ॥2॥

ऋषि अंगिरा ने तप से, शांति नही पाई।

ध्यान किया जब प्रभु का, सकल सिद्धि आई॥3॥

रोग ग्रस्त राजा ने, जब आश्रय लीना।

संकट मोचन बनकर, दूर दुख कीना॥4॥

जब रथकार दम्पती, तुमरी टेर करी।

सुनकर दीन प्रार्थना, विपत्ति हरी सगरी॥5॥

एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।

द्विभुज, चतुर्भुज, दशभुज, सकल रूप साजे॥6॥

ध्यान धरे जब पद का, सकल सिद्धि आवे।

मन दुविधा मिट जावे, अटल शांति पावे॥7॥

श्री विश्वकर्मा जी की आरती, जो कोई नर गावे।

कहत गजानन स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे॥8॥

विश्वकर्मा आरती PDF | Vishwakarma Aarti in Hindi PDF

॥ श्री विश्वकर्मा आरती ॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवोप्रभु विश्वकर्मा।
सुदामा की विनय सुनीऔर कंचन महल बनाये।
सकल पदारथ देकर प्रभु जीदुखियों के दुख टारे॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो…॥

विनय करी भगवान कृष्ण नेद्वारिकापुरी बनाओ।
ग्वाल बालों की रक्षा कीप्रभु की लाज बचायो॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो…॥

रामचन्द्र ने पूजन कीतब सेतु बांध रचि डारो।
सब सेना को पार कियाप्रभु लंका विजय करावो॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो…॥

श्री कृष्ण की विजय सुनोप्रभु आके दर्श दिखावो।
शिल्प विद्या का दो प्रकाशमेरा जीवन सफल बनावो॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो…॥

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विश्वकर्मा आरती | Vishwakarma Aarti pdf

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