विश्वकर्मा आरती | Vishwakarma Puja Aarti PDF in Hindi

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विश्वकर्मा आरती | Vishwakarma Puja Aarti Hindi PDF Summary

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This is considered to be a very auspicious time to worship for progress in the business. It is believed that if worshiped on this day in the right way, auspicious results are obtained. On the day of Vishwakarma Puja, the employees congratulate each other on Vishwakarma Puja by applying Abir Gulal in the companies.

विश्वकर्मा जी की आरती PDF | Vishwakarma Aarti PDF in Hindi

ॐ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा।

सकल सृष्टि के कर्ता रक्षक श्रुति धर्मा ॥1॥

आदि सृष्टि में विधि को, श्रुति उपदेश दिया।

शिल्प शस्त्र का जग में, ज्ञान विकास किया ॥2॥

ऋषि अंगिरा ने तप से, शांति नही पाई।

ध्यान किया जब प्रभु का, सकल सिद्धि आई॥3॥

रोग ग्रस्त राजा ने, जब आश्रय लीना।

संकट मोचन बनकर, दूर दुख कीना॥4॥

जब रथकार दम्पती, तुमरी टेर करी।

सुनकर दीन प्रार्थना, विपत्ति हरी सगरी॥5॥

एकानन चतुरानन, पंचानन राजे।

द्विभुज, चतुर्भुज, दशभुज, सकल रूप साजे॥6॥

ध्यान धरे जब पद का, सकल सिद्धि आवे।

मन दुविधा मिट जावे, अटल शांति पावे॥7॥

श्री विश्वकर्मा जी की आरती, जो कोई नर गावे।

कहत गजानन स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे॥8॥

विश्वकर्मा आरती PDF | Vishwakarma Aarti Lyrics Hindi PDF – Aarti 2

॥ श्री विश्वकर्मा आरती ॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवोप्रभु विश्वकर्मा।
सुदामा की विनय सुनीऔर कंचन महल बनाये।
सकल पदारथ देकर प्रभु जीदुखियों के दुख टारे॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो…॥

विनय करी भगवान कृष्ण नेद्वारिकापुरी बनाओ।
ग्वाल बालों की रक्षा कीप्रभु की लाज बचायो॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो…॥

रामचन्द्र ने पूजन कीतब सेतु बांध रचि डारो।
सब सेना को पार कियाप्रभु लंका विजय करावो॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो…॥

श्री कृष्ण की विजय सुनोप्रभु आके दर्श दिखावो।
शिल्प विद्या का दो प्रकाशमेरा जीवन सफल बनावो॥

प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो…॥

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विश्वकर्मा आरती | Vishwakarma Puja Aarti pdf

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