वामन द्वादशी व्रत कथा | Vaman Dwadashi Vrat Katha PDF in Hindi

वामन द्वादशी व्रत कथा | Vaman Dwadashi Vrat Katha Hindi PDF Download

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वामन द्वादशी व्रत कथा | Vaman Dwadashi Vrat Katha Hindi PDF Summary

नमस्कार पाठकों, इस लेख माध्यम से आप वामन द्वादशी व्रत कथा / Vaman Dwadashi Vrat Katha PDF प्राप्त कर सकते हैं। वामन देव को हिन्दू धर्म में बहुत अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। वामन देव भगवान् श्री हरी विष्णु जी के अवतार हैं। भगवान् श्री हरी विष्णु जी को हिन्दू धर्म के प्रमुख देवों में से एक माना जाता है।
भगवान् श्री हरी विष्णु जी हिन्दू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक हैं जिन्हे त्रिमूर्ति कहा जाता है। ब्रह्मा, विष्णु तथा महेश को हिन्दू धर्म में त्रिमूर्ति के रूप में पूजा जाता है। यदि आप भी वामन देव की कृपा प्राप्त करना चाहते हाँ तथा भगवान् विष्णु जी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो वामन द्वादशी का व्रत अवश्य करें।

वामन द्वादशी की व्रत कथा | Vaman Dwadashi Ki Vrat Katha

बली राक्षस ने एक बार देवताओं को परास्त करके स्वर्ग पर अधिकार कर लिया। उसका अत्याचार देवताओं में बहुत अधिक बढ़ने लगा तो माता अदिति ने अपने पतिदेव महर्षि कश्यप को सारा वृतांत सुनाया। अदिति ने पति की आज्ञा पाकर एक विशेष अनुष्ठान किया। जिसका परिणाम य़ह हुआ कि भगवान् विष्णु जी ने वामन का रूप धारण कर बलि के यहां जाकर तीन पग भूमि का दान मांग लिया था। राजा बलि तीन पग भूमि देने के लिए दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य के मना करने के बावजूद भी वे वचन बद्ध हो गए। वामन रूपी विष्णु भगवान् ने एक पग में पृथ्वी और दूसरे पग से स्वर्ग के साथ-साथ ब्रह्म लोक को नाप लिया। तीसरा पग राजा बलि की पीठ पर रखकर उसे पाताल भेज दिया। देव माता अदिति की कोख से भाद्रपद शुक्ल द्वादशी को वामन अवतार होने से ही इसे वामन द्वादशी कहा जाता है।
वामन द्वादशी पूजा विधि | Vaman Dwadashi Puja Vidhi

  • भगवान् वामन की सोने की मूर्ति के समीप 52 पेड़े और 52 दक्षिणा रखकर पूजा करते हैं।
  • भगवान् वामन का भोग लगाकर सकोरों में चीनी, दही, चावल, शर्बत तथा दक्षिणा ब्राह्मण को दान कर के वामन द्वादशी का व्रत पूरा करते हैं।
  • वामन द्वादशी के ही दिन वामन द्वादशी व्रत का उद्यापन भी करे (व्रत समाप्ति उत्सव) उद्यापन में ब्राह्मणों को 1 माला, 2 गौ मुखी मंडल, छाता, आसन, गीता, लाठी, फल, खड़ाऊ तथा दक्षिणा देनी चाहिए।
  • वामन द्वादशी व्रत को करने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है।

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