तंत्रोक्त देवी सूक्त | Tantroktam Devi Suktam PDF in Hindi

Download तंत्रोक्त देवी सूक्त | Tantroktam Devi Suktam PDF in Hindi

तंत्रोक्त देवी सूक्त | Tantroktam Devi Suktam PDF download link is given at the bottom of this article. You can direct download PDF of तंत्रोक्त देवी सूक्त | Tantroktam Devi Suktam in Hindi for free using the download button.

Tags:

तंत्रोक्त देवी सूक्त | Tantroktam Devi Suktam Hindi PDF Summary

Today we have uploaded the तंत्रोक्त देवी सूक्त PDF / Tantroktam Devi Suktam PDF in Hindi to help you. Dear readers, here you will know about the Tantroktam Devi Suktam which is one of the best Stotram to recite during the time of Navratri and in day-to-day life. It is one of the most effective and powerful religious scriptures. There are many people who are changing their life by reciting this stotram.

Tantroktam Devi Suktam is a Vedic scripture which has an huge impact on one’s life. You can also recite it either daily or in Navratri to protect your family from unknown fears and incidents which create trouble in your life and making your life harder.

तंत्रोक्त देवी सूक्त पाठ PDF / Tantroktam Devi Suktam PDF

॥ अथ तन्त्रोक्तं देवीसूक्तम् ॥

नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः।

नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम्॥1॥

रौद्रायै नमो नित्यायै गौर्यै धात्र्यै नमो नमः।

ज्योत्स्नायै चेन्दुरुपिण्यै सुखायै सततं नमः॥2॥

कल्याण्यै प्रणतां वृद्ध्यै सिद्ध्यै कुर्मो नमो नमः।

नैर्ऋत्यै भूभृतां लक्ष्म्यै शर्वाण्यै ते नमो नमः॥3॥

दुर्गायै दुर्गपारायै सारायै सर्वकारिण्यै।

ख्यात्यै तथैव कृष्णायै धूम्रायै सततं नमः॥4॥

अतिसौम्यातिरौद्रायै नतास्तस्यै नमो नमः।

नमो जगत्प्रतिष्ठायै देव्यै कृत्यै नमो नमः॥5॥

या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥6॥

या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्‍‌यभिधीयते।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥7॥

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥8॥

या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥9॥

या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥10॥

या देवी सर्वभूतेषुच्छायारूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥11॥

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥12॥

या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥13॥

या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥14॥

या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥15॥

या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥16॥

या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥17॥

या देवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥18॥

या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥19॥

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥20॥

या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥21॥

या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥22॥

या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥23॥

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥24॥

या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥25॥

या देवी सर्वभूतेषु भ्रान्तिरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्त्स्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥26॥

इन्द्रियाणामधिष्ठात्री भूतानां चाखिलेषु या।

भूतेषु सततं तस्यै व्याप्तिदेव्यै नमो नमः॥27॥

चितिरूपेण या कृत्स्नमेतद्‌व्याप्य स्थिता जगत्।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥28॥

स्तुता सुरैः पूर्वमभीष्टसंश्रयात्तथासुरेन्द्रेण दिनेषु सेविता।

करोतु सा नः शुभहेतुरीश्‍वरीशुभानि भद्राण्यभिहन्तु चापदः॥29॥

या साम्प्रतं चोद्धतदैत्यतापितैरस्माभिरीशाच सुरैर्नमस्यते।

या च स्मृता तत्क्षणमेव हन्तिनः सर्वापदो भक्तिविनम्रमूर्तिभिः॥30॥

॥ इति तन्त्रोक्तं देवीसूक्तम् समाप्तं। ॥

श्री तन्त्रोक्तं देवीसूक्तम् पाठ के लाभ / Benefits of Reciting Tantroktam Devi Suktam

  • इस स्तोत्रम के पाठ से आपको आत्मशक्ति मिलती है।
  • यदि आपके शत्रु आप पर हावी हो रहे हैं तो इसका पाठ अवश्य करें।
  • इस सूक्तम के पाठ से आप प्रेत बाधाओं से बच सकते हैं।
  • यदि आप अपने जीवन में अनावश्यक समस्यों में फंसे हुए हैं, तो ये पाठ आपकी सहायता अवश्य करेगा।
  • देवी माँ की कृपा प्राप्त करने के लिए तन्त्रोक्तं देवीसूक्तम् सबसे अच्छा साधन है।

You can dwonload तंत्रोक्त देवी सूक्त PDF / Tantroktam Devi Suktam PDF in Hindi by clicking on the following download button.

तंत्रोक्त देवी सूक्त | Tantroktam Devi Suktam pdf

तंत्रोक्त देवी सूक्त | Tantroktam Devi Suktam PDF Download Link

REPORT THISIf the download link of तंत्रोक्त देवी सूक्त | Tantroktam Devi Suktam PDF is not working or you feel any other problem with it, please Leave a Comment / Feedback. If तंत्रोक्त देवी सूक्त | Tantroktam Devi Suktam is a copyright material Report This. We will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *