श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन | Shri Ram Chandra Kripalu Bhajman Lyrics PDF in Hindi

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श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन | Shri Ram Chandra Kripalu Bhajman Lyrics Hindi PDF Summary

दोस्तों आज हम आपके लिए लेकर आये हैं श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन PDF | Shri Ram Chandra Kripalu Bhajman Lyrics PDF in Hindi श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन एक अत्यधिक मधुर स्तुति हैं। यह भगवान राम जी को समर्पित सबसे अधिक प्रचलित स्तुति है। यदि आप प्रति दिन इस स्तुति को अपने घर में लयबद्ध होकर गाते हैं, तो न केवल श्री राम जी की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि हनुमान जी भी बहुत प्रसन्न होते हैं। यह स्तुति गाने और सुनने में बहुत ही अधिक कर्णप्रिय होती है। इस पोस्ट में दिए गए लिंक पर क्लिक करके आप श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन PDF | Shri Ram Chandra Kripalu Bhajman PDF in Hindi बड़ी आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।

आप को प्रतिदिन अपने घर में परिवार के साथ बैठकर यह स्तुति जानी चाहिए। इसके प्रभाव से घर में सकरात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यदि आप प्रतिदिन इस स्तुति का गायन करने में असमर्थ हैं, तो कम से कम मंगलवार के इसका पाठ अवश्य करना चाहिए। यह स्तुति मानसिक रोगों का हरण कर लेती तथा व्यक्ति को शांति का अनुभव कराती है।

श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन PDF | Shri Ram Chandra Kripalu Bhajman PDF in Hindi

श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।

नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।

कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।

पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।

भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।

रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।

आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।

मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।

मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।

करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।

एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।

तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।

।। सोरठा ।।

जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।

मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।

श्री रामचंद्र स्तुति का पाठ कैसे करें?

  • सर्वप्रथम स्नान अदि करके के शुद्ध हो जाएब जाएँ।
  • तत्पश्चात पूर्वमुखी होकर बैठ जाएँ।
  • अब एक लड़की चौकी पर पीला वस्त्र बिछाएं।
  • तदोपरांत श्री राम जी की स्थापना करें।
  • अब उनके सम्मुख श्री राम स्तुति का गायन करें।
  • अब अंत में आरती करें तथा आशीर्वाद ग्रहण करें।

श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन PDF | Shri Ram Chandra Kripalu Bhajman Lyrics PDF in Hindi

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