गणेश जी की आरती | Ganesh Ji Ki Aarti PDF in Hindi

गणेश जी की आरती | Ganesh Ji Ki Aarti Hindi PDF Download

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गणेश जी की आरती | Ganesh Ji Ki Aarti Hindi PDF Summary

नमस्कार मित्रों !
यहाँ हम प्रस्तुत कर रहे हैं श्री गणेश आरती PDF / Ganesh Ji Ki Aarti PDF जिसके प्रभाव से आपके जीवन में आने वाले समस्त क्लेशों का नाश होगा। श्री गणेश जी को समस्त देवों में प्रथम पूज्य मन जाता अहइ अथार्त जब भी किसी प्रकार का जप-तप धर्म-कर्म इत्यादि किये जाते हैं उनके आयोजन से पूर्व श्री गणेश भगवान् का ध्यान व आव्हान करना आवश्यक होता है। श्री गणेश जी को मंगल करता दुःख हारता भी कहा जाता है क्योंकि भगवान् गणपति के आशीर्वाद से उनके भक्तों के जीवन में आने वाले दुःख व कष्ट दूर हो जाते हैं तथा भक्तों के जीवन में आने वाली सभी बाधा-विघ्नो को श्री गणेश जी हर लेते हैं। अतः श्री गजानन गणपति को समर्पित यह दिव्य आरती प्रतिदिन करने से व्यक्ति के घर में सुख -सौभाग्य की वर्षा होती है। आप नीचे दिए हुए डाउनलोड लिंक से श्री गणेश जी की आरती पीडीऍफ़ / Ganesh Ji Ki Aarti PDF डाउनलोड कर सकते हैं।

श्री गणेश जी आरती लिरिक्स PDF / Shri Ganesh Ji Aarti Lyrics PDF in Hindi :

 

श्री गणेशजी की आरती

जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ x2

एकदन्त दयावन्त,चार भुजाधारी।

माथे पर तिलक सोहे,मूसे की सवारी॥ x2

(माथे पर सिन्दूर सोहे,मूसे की सवारी॥)

पान चढ़े फूल चढ़े,और चढ़े मेवा।

(हार चढ़े, फूल चढ़े,और चढ़े मेवा।)

लड्डुअन का भोग लगे,सन्त करें सेवा॥ x2

जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ x2

अँधे को आँख देत,कोढ़िन को काया।

बाँझन को पुत्र देत,निर्धन को माया॥ x2

‘सूर’ श्याम शरण आए,सफल कीजे सेवा।

माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ x2

(दीनन की लाज राखो,शम्भु सुतवारी।

कामना को पूर्ण करो,जग बलिहारी॥ x2)

जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ x2

श्री गणेश जी आरती विधि / Shri Ganesh Aarti Vidhi in Hindi :

  • आरती आरम्भ करने से पूर्व 3 बार शंख बजाएं। शंख को धीमे स्वर से उच्च स्वर की ओर बजाएं ।
  • तदोपरान्त आरती आरम्भ करें।
  • आरती के समय एक लय में घण्टी बजाएं और लय का ध्यान रखते हुए आरती गाएं।
  • आरती गाते समय शब्दों का शुद्ध उच्चारण करें।
  • आरती के लिए शुद्ध कपास अथार्त रूई से बनी घी की बत्ती का प्रयोग करें ।
  • घी या बत्ती उपलब्ध न होने पर कपूर से भी आरती की जाती है।
  • बत्तियाें की संख्या एक, पांच, नौ, ग्यारह या इक्किस रखनी चाहिए।
  • आरती संपन्न होने पर जयकारा लगते हुए श्री गणेश जी से मंगलकामना करें।

 

श्री गणेश जी की इस दिव्य आरती के द्वारा आप भी अपने जीवन को सार्थक बना सकते है , तो आईये और नीचे दिए हुए डाउनलोड बटन पर क्लिक करके अभी इस दिव्य श्री गणेश आरती हिंदी पीडीऍफ़ / Shri Ganesh Aarti Hindi PDF को डाउनलोड करें।

गणेश जी की आरती | Ganesh Ji Ki Aarti pdf

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