पितृ स्तोत्र हिंदी | Pitru Stotra PDF in Hindi

Download पितृ स्तोत्र हिंदी | Pitru Stotra PDF in Hindi

पितृ स्तोत्र हिंदी | Pitru Stotra PDF download link is given at the bottom of this article. You can direct download PDF of पितृ स्तोत्र हिंदी | Pitru Stotra in Hindi for free using the download button.

Tags:

पितृ स्तोत्र हिंदी | Pitru Stotra Hindi PDF Summary

नमस्कार प्रिय पाठकों, इस लेख में हम उन जातकों के लिए एक विशेष अमोघ उपाय बताने जा रहे हैं जो दीर्घकाल से पितृदोष से पीड़ित हैं। जी हाँ न तो आपको कोई विशाल हवन – यज्ञ करने की आवश्यकता है और न ही किसी प्रकार के अनुष्ठान का सुझाव हम आपको दे रहे हैं। यदि आप या आपका कोई प्रियजन पितृ दोष के कारण अत्यधिक पीड़ित है, तो मात्र आप प्रतिदिन पितृ स्तोत्र का पाठ करने से पितृदोष के कारण होने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याओं से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं।

पितृ स्तोत्र एक अत्यंत ही दिव्य व प्रभावशाली स्तोत्र है जिसकी रचना मूल रूप से संस्कृत में की गयी है किन्तु यहाँ हम अपने प्रिय पाठकों के लिए पितृ स्तोत्र हिंदी pdf उपलब्ध करवा रहे हैं जिसे आप मात्र एक क्लिक करके निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं तथा इस सुन्दर पीडीऍफ़ को आप प्रिंट करके अपने घर में रख सकते हैं। कहा जाता है जिस घर में पितृ स्तोत्र को लिखकर रखा जाता है वहाँ श्राद्ध पक्ष में पितृ स्वयं निवास करते हैं।

 

पितृ स्तोत्र इन हिंदी pdf

आप यहाँ पितृ स्तोत्र का अर्थ हिंदी भाषा में पढ़ सकते हैं।

जो सबके द्वारा पूजित, अमूर्त, अत्यन्त तेजस्वी, ध्यानी तथा दिव्यदृष्टि सम्पन्न हैं, उन पितरों को मैं सदा नमस्कार करता हूँ ।

जो इन्द्र आदि देवताओं, दक्ष, मारीच, सप्तर्षियों तथा दूसरों के भी नेता हैं, कामना की पूर्ति करने वाले उन पितरो को मैं प्रणाम करता हूँ ।

जो मनु आदि राजर्षियों, मुनिश्वरों तथा सूर्य और चन्द्रमा के भी नायक हैं, उन समस्त पितरों को मैं जल और समुद्र में भी नमस्कार करता हूँ ।

नक्षत्रों, ग्रहों, वायु, अग्नि, आकाश और द्युलोक तथा पृथ्वी के भी जो नेता हैं, उन पितरों को मैं हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूँ ।

जो देवर्षियों के जन्मदाता, समस्त लोकों द्वारा वन्दित तथा सदा अक्षय फल के दाता हैं, उन पितरों को मैं हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूँ ।

प्रजापति, कश्यप, सोम, वरूण तथा योगेश्वरों के रूप में स्थित पितरों को सदा हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूँ ।

सातों लोकों में स्थित सात पितृगणों को नमस्कार है। मैं योगदृष्टिसम्पन्न स्वयम्भू ब्रह्माजी को प्रणाम करता हूँ ।

चन्द्रमा के आधार पर प्रतिष्ठित तथा योगमूर्तिधारी पितृगणों को मैं प्रणाम करता हूँ। साथ ही सम्पूर्ण जगत् के पिता सोम को नमस्कार करता हूँ ।

अग्निस्वरूप अन्य पितरों को मैं प्रणाम करता हूँ, क्योंकि यह सम्पूर्ण जगत् अग्नि और सोममय है ।

जो पितर तेज में स्थित हैं, जो ये चन्द्रमा, सूर्य और अग्नि के रूप में दृष्टिगोचर होते हैं तथा जो जगत्स्वरूप एवं ब्रह्मस्वरूप हैं, उन सम्पूर्ण योगी पितरो को मैं एकाग्रचित्त होकर प्रणाम करता हूँ । उन्हें बारम्बार नमस्कार है। वे स्वधाभोजी पितर मुझपर प्रसन्न हों ।

।। इति पितृ स्त्रोत समाप्त ।।

 

पितृ स्तोत्र संस्कृत PDF

।। अतः पितृ स्तोत्रम ।।

अर्चितानाममूर्तानां पितॄणां दीप्ततेजसाम्।

नमस्यामि सदा तेषां ध्यानिनां दिव्यचक्षुषाम्।।

इन्द्रादीनां च नेतारो दक्षमारीचयोस्तथा।

 सप्तर्षीणां तथान्येषां तान्नमस्यामिकामदान् ।।

 मन्वादीनां मुनीन्द्राणां सूर्याचन्द्रमसोस्तथा।

तान् नमस्याम्यहं सर्वान् पितृनप्सूदधावपि ।।

नक्षत्राणां ग्रहाणां च वाय्वग्न्योर्नभसस्तथा।

द्यावापृथिवोव्योश्च तथा नमस्यामि कृताञ्जलिः।।

देवर्षीणां जनितुंश्च सर्वलोकनमस्कृतान्।

अक्षय्यस्य सदा दातॄन् नमस्येऽहं कृताञ्जलिः।।

प्रजापते: कश्यपाय सोमाय वरुणाय च ।

योगेश्वरेभ्यश्च सदा नमस्यामि कृताञ्जलिः।।

 नमो गणेभ्य: सप्तभ्यस्तथा लोकेषु सप्तसु ।

 स्वयम्भुवे नमस्यामि ब्रह्मणे योगचक्षुषे ।।

 सोमाधारान् पितृगणान् योगमूर्तिधरांस्तथा ।

नमस्यामि तथा सोमं पितरं जगतामहम्।।

अग्रिरूपांस्तथैवान्यान् नमस्यामि पितृनहम् ।

अग्नीषोममयं विश्वं यत एतदशेषतः।।

ये तु तेजसि ये चैते सोमसूर्याग्निमूर्तयः।

जगत्स्वरूपिणश्चैव तथा ब्रह्मस्वरूपिणः।।

तेभ्योऽखिलेभ्यो योगिभ्य: पितृभ्यो यतमानसः।

 नमो नमो नमस्ते मे प्रसीदन्तु स्वधाभुजः।

।। इति पितृ स्त्रोत समाप्त ।।

 

पितृ स्तोत्र पाठ करने की विधि हिंदी भाषा में

आईये जानते हैं की पितृ स्तोत्र का पाठ करने की विधि क्या है।

  • सर्प्रथम स्नान आदि कर्म से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • अब पितरों कर स्मरण करते हुए दक्षिण दिशा की ओर मुख करके एक आसान पर बैठ जाएँ।
  • तत्पश्चात अपना नाम व गोत्र बोलकर पितरों को जल अर्पित करें।
  • अब पूर्ण श्रद्धा भाव से पितृ स्तोत्र पीडीऍफ़ में से पितृ स्तोत्र के श्लोकों का पाठ करें
  • पाठ सम्पूर्ण होने पर पितरों से आशीर्वाद ग्रहण करें।
  • अन्त में पितरों को अर्पित गए गए जल को पीपल के वृक्ष पर अर्पण कर दें।

 

You may also like :

 

आप नीचे दिए हुए डाउनलोड बटन पर क्लिक करके पितृ स्तोत्र इन हिंदी पीडीऍफ़ डाउनलोड कर सकते हैं।

You can download the Pitra Stotra Hindi by clicking on the download button given below.

पितृ स्तोत्र हिंदी | Pitru Stotra pdf

पितृ स्तोत्र हिंदी | Pitru Stotra PDF Download Link

REPORT THISIf the download link of पितृ स्तोत्र हिंदी | Pitru Stotra PDF is not working or you feel any other problem with it, please Leave a Comment / Feedback. If पितृ स्तोत्र हिंदी | Pitru Stotra is a copyright material Report This. We will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

RELATED PDF FILES

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *