कात्यायनी माता की आरती | Katyayani Mata Ki Aarti PDF in Hindi

कात्यायनी माता की आरती | Katyayani Mata Ki Aarti Hindi PDF Download

कात्यायनी माता की आरती | Katyayani Mata Ki Aarti in Hindi PDF download link is given at the bottom of this article. You can direct download PDF of कात्यायनी माता की आरती | Katyayani Mata Ki Aarti in Hindi for free using the download button.

Tags:

कात्यायनी माता की आरती | Katyayani Mata Ki Aarti Hindi PDF Summary

नमस्कार पाठकों, इस लेख के माध्यम से आप कात्यायनी माता की आरती / Katyayani Mata Ki Aarti PDF प्राप्त कर सकते हैं । हिन्दू सनातन धर्म में नवरात्रि के उत्सव के नौ दिनो को देवी भक्ति के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माना गया है । नवरात्रि के छठवें दिन माता कात्यायनी का पूजन किया जाता है।

माता कात्यायनी जी का सर्वाधिक प्रसिद्ध मंदिर वृन्दावन में स्थित है । ऐसा कहा जाता है कि इस स्थान पर देवी सती के केश गिरे थे तभी से यहाँ माता कात्यायनी जी के रूप का पूजन किया जाता है । यहा स्थान देवी माता के 51 शक्तिपीठों में से एक है तथा देश – विदेश से यहाँ श्रद्धालु माता के दर्शनों का लाभ प्राप्त करने आते हैं।

नवरात्रि में हर दिन अलग-अलग माताओं की पूजा की जाती हैं। नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री माता की पूजा की जाती है तो दुसरा दिन  ब्रह्मचारिणी माता की पूजा का होता है। वहीं नवरात्रि का तीसरा दिन को चंद्रघंटा माता समर्पित होता है। नवरात्रि के चौथे दिन माँ कुष्मांडा देवी आराधना की जाती है। नवरात्रि के पांचवे दिन स्कंदमाता का ध्यान करते हुए उनका के साथ जाप किया जाता है। नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के सातवें दिन कालरात्रि माता का विधिवत पूजन अवश्य करें तथा कालरात्रि माता की कथा व आरती भी अवश्य गायें। नवरात्रि के आठवें दिन पूर्ण विधि – विधान से महागौरी माता का पूजन करना चाहिए। सिद्धिदात्री माता जी का पूजन नवरात्रि के नवें अथवा अंतिम दिन किया जाता है।

कात्यायनी माता की आरती Lyrics / Katyayani Mata Ki Aarti Lyrics PDF

जय जय अंबे जय कात्यायनी।

जय जगमाता जग की महारानी॥

बैजनाथ स्थान तुम्हारी।

वहां वरदानी नाम पुकारा॥

कई नाम है कई धाम हैं।

यह स्थान भी तो सुखधाम है॥

हर मंदिर में जोत तुम्हारी।

कही योगेश्वरी महिमा न्यारी॥

हर जगह उत्सव होते रहते।

हर मंदिर में भक्त हैं कहते॥

कात्यायनी रक्षक काया की।

ग्रंथि काटे मोह माया की॥

झूठे मोह से छुड़ानेवाली।

अपना नाम जपनेवाली॥

बृहस्पतिवार को पूजा करियो।

ध्यान कात्यायनी का धरियो॥

हर संकट को दूर करेगी।

भंडारे भरपूर करेगी॥

जो भी माँ को भक्त पुकारे।

कात्यायनी सब कष्ट निवारे॥

कात्यायनी माता की पूजा विधि / Katyayani Mata Pooja Vidhi PDF in Hindi

  • मां कात्यायनी की पूजा करने से पहले साधक को शुद्ध होने की आवश्यकता है।
  • साधक को पहले स्नान करके साफ वस्त्र धारण करने चाहिए।
  • इसके बाद पहले कलश की स्थापना करके सभी देवताओं की पूजा करनी चाहिए।
  • उसके बाद ही मां कात्यायनी की पूजा आरंभ करनी चाहिए।
  • पूजा शुरु करने से पहले हाथ में फूल लेकर या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥ मंत्र का जाप करते हुए फूल को मां के चरणों में चढ़ा देना चाहिए।
  • इसके बाद मां को लाल वस्त्र,3 हल्दी की गांठ,पीले फूल, फल, नैवेध आदि चढाएं और मां कि विधिवत पूजा करें।
  • उनकी कथा अवश्य सुने।
  • अंत में मां की आरती उतारें
  • इसके बाद मां को शहद से बने प्रसाद का भोग लगाएं।
  • क्योंकि मां को शहद अत्याधिक प्रिय है ।
  • भोग लगाने के बाद प्रसाद का वितरण करें।

You can download Katyayani Mata Ki Aarti PDF by clicking on the following download button.

कात्यायनी माता की आरती | Katyayani Mata Ki Aarti pdf

कात्यायनी माता की आरती | Katyayani Mata Ki Aarti PDF Download Link

REPORT THISIf the download link of कात्यायनी माता की आरती | Katyayani Mata Ki Aarti PDF is not working or you feel any other problem with it, please Leave a Comment / Feedback. If कात्यायनी माता की आरती | Katyayani Mata Ki Aarti is a copyright material Report This. We will not be providing its PDF or any source for downloading at any cost.

RELATED PDF FILES

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *