होली के भजन | Holi Ke Bhajan PDF

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होली के भजन | Holi Ke Bhajan PDF Summary

नमस्कार पाठकों, इस लेख के माध्यम से आप होली के भजन / Holi Ke Bhajan PDF प्राप्त कर सकते हैं। होली भारत में मनाये जाने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक हैं। होली का उत्सव बड़ी धूमधाम से मान्य जाता है तथा इस त्यौहार के आते ही प्रकृति में एक प्रसंन्नता का संचार होता है तथा हर ओर उत्साह का वातावरण होता है।
होली का त्यौहार बिना होली के भजनों के अधूरा होता है। हमनें यहां होली कुछ प्रसिद्ध भजनों को सूचीबद्ध किया है जिनके माध्यम से आप अपने त्यौहार में नाच – गाने का तड़का लगा सकते हैं। यदि आप भी होली के रंगा में सराबोर होकर होली के भजनों में डूब जाना चाहते हैं तो इस पीडीऍफ़ को अवश्य प्राप्त करने तथा होली को यादगार बनाएं।

होली के भजन / Holi Ke Bhajan Lyrics PDF

  1. होली खेल रहे नन्दलाल गोकुल की कुञ्ज गलिन में

होली खेल रहे नन्दलाल,

गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

मेरे घर मारी पिचकारी,

मेरी भीगी रेशम साड़ी,

मेरे घर मारी पिचकारी,

मेरी भीगी रेशम साड़ी,

अरे मेरे मुँह पे मलो गुलाल,

गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

लिए ग्वाल बाल सब संग में,

रंग गई बसंती रंग में,

लिए ग्वाल बाल सब संग में,

रंग गई बसंती रंग में,

अरे मेरी चली ना कोई चाल,

गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

मेरी रन्ग से भरी कमोरी,

कंकरिया मार के फोरी,

मेरी रन्ग से भरी कमोरी,

कंकरिया मार के फोरी,

में तो पड़ी हाल बेहाल,

गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

मोसे हँस के बोलो बेना,

तोहे सही बताऊ बहना,

मोसे हँस के बोलो बेना,

तोहे सही बताऊ बहना,

मैं कर दई हरी और लाल,

गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

होली खेल रहे नन्दलाल,

गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

  1. बरसाने में आज धूम मची होली की भजन

बरसाने में आज धूम मची होली की,

धूम मची होली की, धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

रंग रंगीलो फागुण आयो,

ब्रज वासी को मन हर्षायो,

रंग रंगीलो फागुण आयो,

ब्रज वासी को मन हर्षायो,

नाचे दे दे ताल,

धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

नन्द गाँव से ग्वाला आये,

सुन्दर ढाल संग में लाये,

नन्द गाँव से ग्वाला आये

सुन्दर ढाल संग में लाये,

उड़त अबीर गुलाल,

धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

इत है नन्द गाँव के रसिया,

उत है बरसाने की सखियाँ,

इत है नन्द गाँव के रसिया,

उत है बरसाने की सखियाँ,

कर सोलह श्रृंगार,

धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

गली रंगीली शोभा न्यारी,

ग्वालन पड़ रही लठियाँ भारी,

गली रंगीली शोभा न्यारी,

ग्वालन पड़ रही लठियाँ भारी,

हो रही जय जयकार,

धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

या बृज की होली को देखन,

चढ़ आये सुर देव विमानन,

या बृज की होली को देखन,

चढ़ आये सुर देव विमानन,

करे फूलन की बौछार,

धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

बरसाने में आज धूम मची होली की,

धूम मची होली की, धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

  1. कैसी होली श्याम मचाये रे भजन

कैसी होली श्याम मचाये रे,

नाचे ब्रज के ग्वाल गोपिया,

ताल बजाये रे,

कैसी होली श्याम मचाये रे।।

एक तरफ है लाड़ली राधे,

दूजे कुंवर कन्हैया,

रंग गुलाल उड़ावे हिल मिल,

नाचे ताता थईया,

प्यारी बंसी श्याम बजाये रे,

नाचे ब्रज के ग्वाल गोपिया,

ताल बजाये रे,

कैसी होली श्याम मचाये रे।।

भर पिचकारी रंग कैसरिया,

सखियों पे बरसावे,

देख गुजरिया नई चुनरिया,

सारे शोर मचावे,

गोरी बच के निकल ना जाये रे,

नाचे ब्रज के ग्वाल गोपिया,

ताल बजाये रे,

कैसी होली श्याम मचाये रे।।

ढोल मजीरे बाज रहे है,

बाज रही शहनाई,

नन्दगाँव बरसाना गोकुल,

ब्रज के लोग लुगाई,

होली गाते चंग बजाये रे,

नाचे ब्रज के ग्वाल गोपिया,

ताल बजाये रे,

कैसी होली श्याम मचाये रे।।

कैसी होली श्याम मचाये रे,

नाचे ब्रज के ग्वाल गोपिया,

ताल बजाये रे,

कैसी होली श्याम मचाये रे।।

  1. होली आई उड़े रे गुलाल भजन

होली आई उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया,

कैसरिया जी रंग कैसरिया,

कैसरिया जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया।।

फागुण मास सुरंगों आयो,

संग में सारी खुशियां लायो,

अरे उड़े रे बदन में झाल,

डालो जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया,

कैसरिया जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया।।

ब्रज की नवेली बड़ी अलबैली,

चम्पा चमेली छेल छबीली,

नाचे दे दे ताल,

डालो जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया,

कैसरिया जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया।।

नटवर नागर कृष्ण मुरारी,

भर पिचकारी सखियों को मारी,

कर दिया हाल बेहाल,

डालो जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया,

कैसरिया जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया।।

फागुण की अल मस्त बहारे,

वृन्दावन में छाई,

झूम उठा ब्रज अल मस्ती में,

ऐसी होली छाई,

राधा के संग चंद सखी और,

सखिया नई नवेली,

बरसाने से आई खेलने,

वृंदावन में होरी,

हिल मिल होरी खेल रहे है,

ब्रज के ग्वाल गुजरिया,

श्याम के संग में छेल छबिले,

नई उमर के रसिया,

नन्द गाँव के द्वार मची है,

होली खेले नर नारी,

वृंदावन की इस होली पर,

जाऊ मैं बलि हारी,

जाऊ मैं बलि हारी।।

  1. श्याम मेरी चुनर पे रंग मत डाल होली भजन

श्याम मेरी चुनर पे,

रंग मत डाल,

विनती करूं पैया पडु,

तोरे बार-बार।।

भर पिचकारी कान्हा,

सन्मुख ना मारो,

अबीर गुलाल मेरे,

मुख पे ना डारो,

आज आई -2,

करके मैं सोलह श्रृंगार,

विनती करूं पैया पडु,

तोरे बार-बार।।

बीच बजरिया,

ना रोको मुरारी,

जाने दो श्याम,

मत आवो अगाड़ी,

पकड़ो ना बहिया जी-2,

पराई हू नार,

विनती करूं पैया पडु,

तोरे बार-बार।।

संग सहेली सब,

हांसी करेगी,

सास ननंद की मोहे,

डांट पड़ेगी,

झगडेंगे सैया जी-2,

घर पे हमार,

विनती करूं पैया पडु,

तोरे बार-बार।।

‘मंत्री’ कहे विनती,

अब सुन लो हमारी,

भक्त ‘दयाल’ रहे,

शरण तुम्हारी,

श्याम तेरे चरणों में-2,

जाऊं बलिहार,

विनती करूं पैया पडु,

तोरे बार-बार।।

श्याम मेरी चुनर पे,

रंग मत डाल,

विनती करूं पैया पडु,

तोरे बार-बार।।

  1. आज बृज में होली है रे रसिया होली भजन

आज बृज में होली है रे रसिया,

होरी रे रसिया,

बरजोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

घर घर से ब्रज बनिता आई,

घर घर से ब्रज बनिता आई,

कोई सांवर कोई गोरी है रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

कौन गाँव के कुंवर कन्हैया,

कौन गाँव के कुंवर कन्हैया,

कौन गावं राधा गोरी है रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

नन्द गावं के कुंवर कन्हैया,

नन्द गावं के कुंवर कन्हैया,

बरसाने की राधा गोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

कौन वरण के कुंवर कन्हैया,

कौन वरण के कुंवर कन्हैया,

कौन वरण राधा गोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

श्याम वरण के कुंवर कन्हैया,

श्याम वरण के कुंवर कन्हैया,

गौर वरण राधा गोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

इत ते आए कुंवर कन्हैया,

इत ते आए कुंवर कन्हैया,

उत ते राधा गोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

कौन के हाथ कनक पिचकारी,

कौन के हाथ कनक पिचकारी,

कौन के हाथ कमोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी,

कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी,

राधा के हाथ कमोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

उडत गुलाल लाल भए बादल,

उडत गुलाल लाल भए बादल,

मारत भर भर झोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

अबीर गुलाल के बादल छाए,

अबीर गुलाल के बादल छाए,

धूम मचाई रे सब मिल सखिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,

चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,

चिर जीवे यह जोड़ी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

आज बृज में होली है रे रसिया,

होरी रे रसिया,

बरजोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

  1. फागण आया धूम मचाओ के होली संग श्याम के मनाओ

फागण आया धूम मचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ,

श्याम के मनाओ संग श्याम के मनाओ,

संग संग सबको नचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ।।

झांझ नगाड़ा बाजे देखो,

सब मिल करे धमाल,

रंग अबीर गुलाल उड़ावे,

श्याम प्रभु के लाल,

सब मिल रंग लगाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ,

फागन आया धूम मचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ।।

श्याम प्रभु की महिमा ऐसी,

आए भीड़ अपार,

कोई जय श्री श्याम,

कोई बोले लखदातार

खाटू आके श्याम गुण गाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ,

फागन आया धूम मचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ।।

एक बार जो खाटू आए,

बार बार फिर आता है,

कृपा श्याम की ऐसी होती,

कभी नहीं दुख पाता है

‘विष्णु’ को भी फागण में बुलाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ,

फागन आया धूम मचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ।।

फागण आया धूम मचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ,

श्याम के मनाओ संग श्याम के मनाओ,

संग संग सबको नचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ।।

  1. मेरो बाँके बिहारी लाल खेले रंग होली भजन

मेरो बाँके बिहारी लाल खेले रंग होली,

रंग होली रे गुलाल होली,

मेरो बांके बिहारी लाल खेले रंग होली।।

हाथ लिए कंचन पिचकारी,

खेल रहयो मेरो बाँके बिहारी,

हाथ लिए कंचन पिचकारी,

खेल रहयो मेरो बाँके बिहारी

और झोली भरी गुलाल,

खेले रंग होली,

मेरो बांके बिहारी लाल खेले रंग होली।।

वृन्दावन की है शोभा है न्यारी,

रंग भरे मोहन रँगीली श्यामा प्यारी,

वृन्दावन की है शोभा है न्यारी,

रंग भरे मोहन रँगीली श्यामा प्यारी,

और है रही सखी निहाल,

खेले रंग होली,

मेरो बांके बिहारी लाल खेले रंग होली।।

कुंजन माहि मची है होरी,

जीती श्यामा कुंवर किशोरी,

कुंजन माहि मची है होरी,

जीती श्यामा कुंवर किशोरी,

मेरे कुञ्ज बिहारिन वाल,

खेले रंग होली,

मेरो बांके बिहारी लाल खेले रंग होली।।

होरी है ये रस की रसीली,

रस की रसीली चटक मटकीली,

होरी है ये रस की रसीली,

रस की रसीली चटक मटकीली,

पागल ते चले नही चाल,

खेले रंग होली,

मेरो बांके बिहारी लाल खेले रंग होली।।

मेरो बांके बिहारी लाल खेले रंग होली,

रंग होली रे गुलाल होली,

मेरो बांके बिहारी लाल खेले रंग होली।।

  1. फागण में उड़े रे गुलाल के आओ होली खेला जी

फागण में उड़े रे गुलाल,

के आओ होली खेला जी,

के आओ होली खेला जी,

खाटू में मची रे धमाल,

के आओ होली खेला जी,

फागुण में उड़े रे गुलाल,

के आओ होली खेला जी।।

भक्ता को है मन हर्षायो,

भक्ता को है मन हर्षायो,

रंग प्रेम को थाने लगायो,

रंग प्रेम को थाने लगायो,

रंग चढ़ गया प्रेम कमाल,

के आओ होली खेला जी,

फागुण में उड़े रे गुलाल,

के आओ होली खेला जी।।

साँवरिया सागे खेला होली,

साँवरिया सागे खेला होली,

दूर दूर सू आई है टोली,

दूर दूर सू आई है टोली,

होली खेला बाबा श्याम,

के आओ होली खेला जी,

फागुण में उड़े रे गुलाल,

के आओ होली खेला जी।।

चंग ढोलक की थाप है बाजी,

चंग ढोलक की थाप है बाजी,

हो गयो श्याम धनी म्हारो राजी,

हो गयो श्याम धनी म्हारो राजी,

‘पगली’ नाचे दे दे ताल,

के आओ होली खेला जी,

फागुण में उड़े रे गुलाल,

के आओ होली खेला जी।।

‘देव’ भी खुश हो श्याम ने मनावे,

‘देव’ भी खुश हो श्याम ने मनावे,

‘राही’ श्याम के रंग रंग जावे,

‘राही’ श्याम के रंग रंग जावे,

बाबो हो गयो काले से लाल,

के आओ होली खेला जी,

फागुण में उड़े रे गुलाल,

के आओ होली खेला जी।।

फागण में उड़े रे गुलाल,

के आओ होली खेला जी,

के आओ होली खेला जी,

खाटू में मची रे धमाल,

के आओ होली खेला जी,

फागुण में उड़े रे गुलाल,

के आओ होली खेला जी।।

  1. होली खेले बाबा श्याम आपा चाला खाटू धाम भजन

होली खेले बाबा श्याम,

आपा चाला खाटू धाम,

होली खेले रे।।

लाल अभीर गुलाल उड़त है,

केशर ओर किस्तुरी रे,

स्वर्ग से सुन्दर लाग म्हाने,

खाटू नगरी रे,

होली खेले रे।

होली खेलें बाबा श्याम,

आपा चाला खाटू धाम

होली खेले रे।।

श्याम श्याम खाटू में गुंजे,

डपली चंग बजाव रे,

भक्ता सागे नाचे गावे,

धुम मचाव रे,

होली खेले रे।

होली खेलें बाबा श्याम,

आपा चाला खाटू धाम

होली खेले रे।।

श्यामधणी रे हाथा माही,

रंग भरी पिचकारी रे,

भक्ता उपर श्यामधणी तो,

भर-भर मारी रे,

होली खेले रे।

होली खेलें बाबा श्याम,

आपा चाला खाटू धाम

होली खेले रे।।

रंग रगीलो फागण आयो,

भक्ता क मन भायो रे,

नौरतन योगी को भी बाबा,

मन हर्षायो रे,

होली खेले रे।।

होली खेलें बाबा श्याम,

आपा चाला खाटू धाम

होली खेले रे।।

  1. मैं कैसे होली खेलूँगी या सांवरिया के संग भजन

मैं कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग,

रंग में कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग,

रंग में कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग।।

कोरे कोरे कलश मँगाए,

केसर घोरो रंग,

लाला, केसर घोरो रंग,

भर पिचकारी मेरे सन्मुख मारी,

सखियाँ हो गई दंग,

रंग में कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग,

रंग में कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग।।

साड़ी सरस सभी मेरो भिजो,

भिज गयो सब अंग,

लाला, भिज गियो सब अंग,

और या बज मारे को कहाँ भिगौउ,

कारी कमर अंग

रंग में कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग,

रंग में कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग।।

तबला बाजे सारंगी बाजे,

और बाजे मृदंग,

और बाजे मृदंग,

और श्याम सुंदर की बंशी बाजे,

राधा जू के संग,

रंग में कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग,

रंग में कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग।।

घर घर से ब्रज बनिता आई,

लिए किशोरी संग,

लाला, लिए किशोरी संग,

चन्द्रसखी हसयो उठ बोली,

लगा श्याम के अंग,

रंग में कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग,

रंग में कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग।।

मैं कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग,

रंग में कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग,

रंग में कैसे होली खेलूँगी,

या सांवरिया के संग।।

  1. मम्मी जाऊंगा बालाजी आया होली का त्यौहार भजन

मम्मी जाऊंगा बालाजी,

आया होली का त्यौहार।।

स फागण का मस्त महीना,

चौड़ा होया फुल क सीना,

स देवों में देव नगीना,

बाबा बहोत बड़ा दातार,

मम्मी जाऊँगा बालाजी,

आया होली का त्यौहार।।

जावः भक्तां की टोली,

खेलं बाबा गेलयां होली,

ओली किस्मत होज्या सोली,

जब बाबा का बरसः प्यार,

मम्मी जाऊँगा बालाजी,

आया होली का त्यौहार।।

लयादे लाल धज्जा बणवाके,

गोटा बिमक भी लगवाके,

लाल लंगोटा दे सिमवाके तुं त,

क्युं कर री स वार,

मम्मी जाऊँगा बालाजी,

आया होली का त्यौहार।।

सारे नियम तुं समझादे,

मेंहदीपुर की राह बतादे,

चादर राम नाम की लयादे,

मम्मी मानुं कोनया हार,

मम्मी जाऊँगा बालाजी,

आया होली का त्यौहार।।

‘सुरजभान’ भक्त भी जावः,

उड़ै ‘कर्मबीर’ भी पावः,

‘कौशिक जी’ भजन सुणावः,

बरसः रंगों की बौछार,

मम्मी जाऊँगा बालाजी,

आया होली का त्यौहार।।

मम्मी जाऊंगा बालाजी,

आया होली का त्यौहार।।

  1. प्रेम से लगाओ रे गुलाल कान्हा को आज होली में

प्रेम से लगाओ रे गुलाल,

कान्हा को आज होली में,

कान्हा जी को होली में,

कान्हा जी को होली में,

धूम मचाओ रे धमाल,

कान्हा के संग होली में,

प्रेम सें लगाओं रे गुलाल,

कान्हा को आज होली में।।

बरसाने से निकली टोली,

कान्हा संग खेलेंगे होली,

रंग देंगे कान्हा को आज,

देखो रे देखो होली में,

धूम मचाओ रे धमाल,

कान्हा के संग होली में,

प्रेम सें लगाओं रे गुलाल,

कान्हा को आज होली में।।

ग्वाल बाल भी करे तैयारी,

बच ना पाए सखियाँ सारी,

छोड़ेंगे इनको ना आज,

देखो रे देखो होली में,

धूम मचाओ रे धमाल,

कान्हा के संग होली में,

प्रेम सें लगाओं रे गुलाल,

कान्हा को आज होली में।।

बच ना पाओगे कान्हा हमसे,

रंगने का वादा है तुमसे,

कितना ही छुप लो रे आज,

देखो रे देखो होली में,

धूम मचाओ रे धमाल,

कान्हा के संग होली में,

प्रेम सें लगाओं रे गुलाल,

कान्हा को आज होली में।।

राधा ने आवाज लगाई,

दौड्यो आयो कृष्ण कन्हाई,

प्रेम से रंग गई रे आज,

देखो रे देखो होली में,

धूम मचाओ रे धमाल,

कान्हा के संग होली में,

प्रेम सें लगाओं रे गुलाल,

कान्हा को आज होली में।।

प्रेम से लगाओ रे गुलाल,

कान्हा को आज होली में,

कान्हा जी को होली में,

कान्हा जी को होली में,

धूम मचाओ रे धमाल,

कान्हा के संग होली में,

प्रेम सें लगाओं रे गुलाल,

कान्हा को आज होली में।।

  1. आजा आजा होली खेल साडे नाल सांवरे भजन

आजा आजा होली खेल साडे नाल सांवरे,

दोहा – किसी के हाथ में ढोलक छेना,

और किसी के हाथ में चंग,

बाहर निकल कर आजा सांवल,

होली खेलेंगे तोरे संग।

फागुण आया सारे लाए है गुलाल सांवरे,

आजा आजा होली खेल साडे नाल सांवरे,

हाथो में लेकर आए है निशान सांवरे,

आजा आजा होली खेल साडे नाल सांवरे।।

लाए भर भर के पिचकारी,

ये पक्के रंग की सारी,

मंदिर से बाहर आजा,

क्यो करता है होशियारी,

आज चलेगी ना कोई तेरी चाल सांवरे,

आजा आजा होली खेल साडे नाल सांवरे।।

तू मुरली मधुर बजाए,

हम चंग मंजीरा लाए,

लेने फागुण की मस्ती,

सब तेरे द्वार पे आए,

होगी तेरे संग खाटू में धमाल सांवरे,

आजा आजा होली खेल साडे नाल सांवरे।।

हाथो में निशान उठाके,

अबीर गुलाल उड़के,

घेरा भक्तो ने तुझको,

अब कहा छुपेगा जाके,

‘सतविंदर’ बिछाए ऐसा जाल सांवरे,

अब मीठी मीठी बातो से ना टाल सांवरे,

आजा आजा होली खेल साडे नाल सांवरे।।

फागुण आया सारे लाए है गुलाल सांवरे,

आजा आजा होली खेल साडे नाल सांवरे,

हाथो में लेकर आए है निशान सांवरे,

आजा आजा होली खेल साडे नाल सांवरे।।

  1. होली खेलन राधा आई रे आओ श्याम बिहारी लिरिक्स

होली खेलन राधा आई रे,

आओ श्याम बिहारी,

श्याम बिहारी घनश्याम बिहारी,

श्याम बिहारी घनश्याम बिहारी,

रुत रंगा की आई रे,

आओ श्याम बिहारी,

होली खेंलन राधा आयी रे,

आओ श्याम बिहारी।।

घिस घिस केसर रंग बनाया,

भांत भांत का इतर मिलाया,

दिल में उमंगे छाई रे,

आओ श्याम बिहारी,

होली खेंलन राधा आयी रे,

आओ श्याम बिहारी।।

ग्वाल बाल सब सखिया आई,

कहे नाटिको श्याम कन्हाई,

अब ना होत समायी रे,

आओ श्याम बिहारी,

होली खेंलन राधा आयी रे,

आओ श्याम बिहारी।।

आज श्याम नहीं बच पाओगे,

छुप के हमसे कित जाओगे,

‘नंदू’ अर्ज लगाई रे,

आओ श्याम बिहारी,

होली खेंलन राधा आयी रे,

आओ श्याम बिहारी।।

होली खेलन राधा आई रे,

आओ श्याम बिहारी,

श्याम बिहारी घनश्याम बिहारी,

श्याम बिहारी घनश्याम बिहारी,

रुत रंगा की आई रे,

आओ श्याम बिहारी,

होली खेंलन राधा आयी रे,

आओ श्याम बिहारी।

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