गौ माता की आरती | Gau Mata Ki Aarti PDF in Hindi

गौ माता की आरती | Gau Mata Ki Aarti Hindi PDF Download

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गौ माता की आरती | Gau Mata Ki Aarti Hindi PDF Summary

नमस्कार पाठकों, इस लेख के माध्यम से गौ माता की आरती / Gau Mata Ki Aarti PDF प्राप्त कर सकते हैं। श्री गौ माता का पूजन करने से गौ माता का आशीर्वाद तो मिलता ही है साथ ही साथ भगवान् श्री कृष्ण की कृपा भी प्राप्त होती है। हिन्दू धर्म में गौ माता को बहुत अधिक महत्व दिया गया है। यह आरती गौ माता की बहुत मधुर आरती है।

माना जाता है कि गौ माता के शरीर में तैंतीस कोटि देवता निवास करते हैं। गौ माता के आशीर्वाद से व्यक्ति के जीवन में आने वाले सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं। यदि आप भी गोपाष्टमी के दिन गौ माता की पूजा करना चाहते हैं, तो पूजन के अंत में श्री गौ माता जी की आरती अवश्य करें।

गौ माता की आरती लिरिक्स | Gau Mata Ki Aarti in Hindi Lyrics

ॐ जय जय गौमाता,

मैया जय जय गौमाता

 जो कोई तुमको ध्याता,

त्रिभुवन सुख पाता

सुख समृद्धि प्रदायनी,

गौ की कृपा मिले

 जो करे गौ की सेवा,

पल में विपत्ति टले

आयु ओज विकासिनी,

जन जन की माई

 शत्रु मित्र सुत जाने,

सब की सुख दाई

सुर सौभाग्य विधायिनी,

अमृती दुग्ध दियो

 अखिल विश्व नर नारी,

शिव अभिषेक कियो

ममतामयी मन भाविनी,

तुम ही जग माता

 जग की पालनहारी,

कामधेनु माता

संकट रोग विनाशिनी,

सुर महिमा गाई

गौ शाला की सेवा,

संतन मन भाई

गौ मां की रक्षा हित,

हरी अवतार लियो

 गौ पालक गौपाला,

शुभ संदेश दियो

श्री गौमाता की आरती,

जो कोई सुत गावे

 पदम् कहत वे तरणी,

भव से तर जावे

गोपाष्टमी पूजन मंत्र | Gau Mata Puja Mantra

लक्ष्मीर्या लोकपालानां धेनुरूपेण संस्थिता।

घृतं वहति यज्ञार्थ मम पापं व्यपोहतु।।

घृतक्षीरप्रदा गावो घृतयोन्यो घृतोद्भवाः।

घृतनद्यो घृतावर्तास्ता मे सन्तु सदा गृहे॥

घृतं मे हृदये नित्यं घृतं नाभ्यां प्रतिष्ठितम्।

घृतं सर्वेषु गात्रेषु घृतं मे मनसि स्थितम्॥

गावो ममाग्रतो नित्यं गावः पृष्ठत एव च।

गावो मे सर्वतश्चैव गवां मध्ये वसाम्यहम्॥

सुरूपा बहुरूपाश्च विश्वरूपाश्च मातरः।

गावो मामुपतिष्ठन्तामिति नित्यं प्रकीर्तयेत्॥

यया सर्वमिदं व्याप्तं जगत् स्थावरजङ्गमम्।

तां धेनुं शिरसा वन्दे भूतभव्यस्य मातरम्॥

सर्वकामदुधे देवि सर्वतीर्थीभिषेचिनि।

पावने सुरभि श्रेष्ठे देवि तुभ्यं नमोस्तुते ॥

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