श्री गणेश लक्ष्मी पूजन विधि | Ganesh Laxmi Puja Vidhi PDF in Hindi

श्री गणेश लक्ष्मी पूजन विधि | Ganesh Laxmi Puja Vidhi Hindi PDF Download

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श्री गणेश लक्ष्मी पूजन विधि | Ganesh Laxmi Puja Vidhi Hindi PDF Summary

नमस्कार मित्रों, इस लेख के माध्यम से आप गणेश लक्ष्मी पूजन विधि PDF/ Ganesh Laxmi Puja Vidhi PDF प्राप्त कर सकते हैं। जैसा की आप जानते ही होंगे कि दीपावली का पर्व भारत सहित समूचे विश्व में बहुत धूमधाम से मान्य जाता है। दीपावली के दिन श्री गणेश – लक्ष्मी जी का पूजन करने की परंपरा है। माता लक्ष्मी जी धन – वैभव आदि को नियंत्रित करते हैं। गणेश जी बुद्धि तथा ज्ञान के देवता हैं।

यदि आप अपने जीवन में धन – वैभव के साथ – साथ ज्ञान तथा बुद्धि प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको दिवाली के दिन श्री गणेश व माता लक्ष्मी जी का पूजन साथ में करना चाहिए क्योंकि श्री गणेश-लक्ष्मी जी का साथ में पूजन करने से धन – धान्य तथा बुद्धि व ज्ञान की प्राप्ति होती है। इस लेख में आपको सम्पूर्ण लक्ष्मी – गणेश पूजा विधि PDF मिलेगी जिसका उपयोग करके आप अपने घर पर पूजन कर सकते हैं।

दीपावली पर गणेश लक्ष्मी पूजन विधि | Diwali Laxmi Ganesh Puja Vidhi PDF

  • सर्वप्रथम पूजा के स्थान को स्वच्छ करें।
  • अब उस स्थान पर आते और हल्दी से चौक पूरें।
  • तत्पश्चात एक लकड़ी की चौकी उस चौक पर रखें।
  • अब माता श्री लक्ष्मी, सरस्वती जी तथा गणेश जी की मिट्टी की प्रतिमाएं अथवा चित्र विराजमान करें।
  • तदोपरांत पूजन के जलपात्र से जल लेकर निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुए सभी प्रतिमाओं पर छिड़कें।
  • साथ ही अपने पूजा के आसन को भी इसी मन्त्र का उच्चारण करते हुए जल छिड़ककर स्वच्छ करें।

ॐ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा।

य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स: बाह्याभंतर: शुचि:।।

  • अब पृथ्वी माता को प्रणाम करके निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुए आसन ग्रहण करें।

पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठः ग ऋषिः सुतलं छन्दः कूर्मोदेवता आसने विनियोगः॥

ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता। त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्॥

पृथिव्यै नमः आधारशक्तये नमः

  •  तत्पश्चात ॐ केशवाय नमः, ॐ नारायणाय नमः, ॐ माधवाय नमः का उच्चारण करते हुए गंगाजल का आचमन करें।
  • इस पूरी प्रक्रिया के बाद मन को शांत कर आंखें बंद करें तथा मां को मन ही मन प्रणाम करें।
  •  इसके बाद हाथ में जल लेकर पूजा का संकल्प करें। संकल्प के लिए हाथ में अक्षत (चावल), पुष्प और जल ले लीजिए। साथ में  एक रूपए (या यथासंभव धन) का सिक्का भी ले लें।
  • इन सब को हाथ में लेकर संकल्प करें कि मैं अमुक व्यक्ति अमुक  स्थान व समय पर मां लक्ष्मी, सरस्वती तथा गणेशजी की पूजा करने जा रहा हूं, जिससे मुझे शास्त्रोक्त फल प्राप्त हों।
  • इसके बाद सबसे पहले भगवान गणेशजी व गौरी का पूजन कीजिए।
  • तत्पश्चात कलश पूजन करें फिर नवग्रहों का पूजन कीजिए।
  • हाथ में अक्षत और पुष्प ले लीजिए और नवग्रह स्तोत्र बोलिए।
  • इसके बाद भगवती षोडश मातृकाओं का पूजन किया जाता है।
  • इन सभी के पूजन के बाद 6 मातृकाओं को गंध, अक्षत व पुष्प प्रदान करते हुए पूजन करें।
  • पूरी प्रक्रिया मौलि लेकर गणपति, माता लक्ष्मी व सरस्वती को अर्पण कर और स्वयं के हाथ पर भी बंधवा लें।
  • अब सभी देवी-देवताओं के तिलक लगाकर स्वयं को भी तिलक लगवाएं।
  • इसके बाद मां महालक्ष्मी की पूजा आरंभ करें।
  • अब देवी लक्ष्मी, गणेश जी व देवी सरस्वती जी का पूजन करें।
  • उनके समक्ष सात, ग्यारह अथवा इक्कीस की संख्या में दीप प्रज्वलित करें।
  • माता श्री लक्ष्मी को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
  • अब श्री सूक्त, लक्ष्मीसूक्त तथा कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
  • तदोपरांत धूप, दीप, नैवेद्य आदि अर्पित करके आरती करें।
  • इस प्रकार आपका पूजन संपन्न होता है।
  • पूजन संपन्न होने पर क्षमा – प्राथना करें।

माता लक्ष्मी की आरती | Mata Lakhsmi Ki Aarti Lyrics in Hindi

ॐ जय लक्ष्मी माता,मैया जय लक्ष्मी माता।

तुमको निशिदिन सेवत,हरि विष्णु विधाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

उमा, रमा, ब्रह्माणी,तुम ही जग-माता।

सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत,नारद ऋषि गाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रुप निरंजनी,सुख सम्पत्ति दाता।

जो कोई तुमको ध्यावत,ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल-निवासिनि,तुम ही शुभदाता।

कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर में तुम रहतीं,सब सद्गुण आता।

सब सम्भव हो जाता,मन नहीं घबराता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम बिन यज्ञ न होते,वस्त्र न कोई पाता।

खान-पान का वैभव,सब तुमसे आता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर,क्षीरोदधि-जाता।

रत्न चतुर्दश तुम बिन,कोई नहीं पाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

महालक्ष्मीजी की आरती,जो कोई जन गाता।

उर आनन्द समाता,पाप उतर जाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

गणेश जी की आरती | Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi

जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ x2

एकदन्त दयावन्त,चार भुजाधारी।

माथे पर तिलक सोहे,मूसे की सवारी॥ x2

(माथे पर सिन्दूर सोहे,मूसे की सवारी॥)

पान चढ़े फूल चढ़े,और चढ़े मेवा।

(हार चढ़े, फूल चढ़े,और चढ़े मेवा।)

लड्डुअन का भोग लगे,सन्त करें सेवा॥ x2

जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ x2

अँधे को आँख देत,कोढ़िन को काया।

बाँझन को पुत्र देत,निर्धन को माया॥ x2

‘सूर’ श्याम शरण आए,सफल कीजे सेवा।

माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ x2

(दीनन की लाज राखो,शम्भु सुतवारी।

कामना को पूर्ण करो,जग बलिहारी॥ x2)

जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥ x2

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